नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि रद्द हो चुकी आबकारी नीति 2021-22 से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में वह अब आरोपी नहीं हैं।
ट्रायल कोर्ट से बरी होने का दावा
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ट्रायल कोर्ट ने आरोप तय करने के लिए कोई सबूत न मिलने के बाद उन्हें पहले ही बरी कर दिया था।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने रखी दलीलें
स्वर्ण कांता शर्मा के सामने खुद पेश होकर सीबीआई की रिवीजन पिटीशन की सुनवाई से जज के हटने (रिक्यूजल) की अर्जी पर जोर देते हुए केजरीवाल ने दलील दी कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने विस्तृत आदेश में उन्हें और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था।
हाई कोर्ट के आदेश पर जताई आपत्ति
उन्होंने कहा कि बरी होने के बावजूद हाई कोर्ट ने 9 मार्च को संक्षिप्त सुनवाई में ट्रायल कोर्ट के निष्कर्षों पर आंशिक रोक लगाते हुए एकतरफा आदेश पारित किया, जिससे उनके मन में पक्षपात की आशंका पैदा हुई।
केजरीवाल ने कहा, “जब यह आदेश आया, तो मेरा दिल बैठ गया। मुझे संदेह हुआ कि क्या मुझे न्याय मिलेगा।” उन्होंने बताया कि केस ट्रांसफर करने की मांग को लेकर उन्होंने देवेंद्र कुमार उपाध्याय को पत्र भी लिखा था।
रिक्यूजल का आधार: निष्पक्ष सुनवाई पर सवाल
केजरीवाल ने तर्क दिया कि रिक्यूजल का सिद्धांत यह नहीं देखता कि जज वास्तव में पक्षपाती है या नहीं, बल्कि यह कि क्या किसी पक्षकार को निष्पक्ष सुनवाई न मिलने की उचित आशंका है।
उन्होंने कहा कि ट्रायल कोर्ट के 500 पन्नों के आदेश को बिना पूरी सुनवाई के कुछ ही मिनटों में प्रभावी रूप से खारिज कर दिया गया।
जांच पर भी उठाए सवाल
उन्होंने जोर दिया कि ट्रायल कोर्ट ने अपने निष्कर्ष में भ्रष्टाचार या रिश्वत के कोई सबूत नहीं पाए और जांच के तरीके पर भी सवाल उठाए थे।
सुप्रीम कोर्ट का भी किया जिक्र
केजरीवाल ने यह भी कहा कि जमानत से जुड़ी सुनवाई में की गई कुछ टिप्पणियों को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था।
कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने स्पष्ट किया कि मौजूदा कार्यवाही केवल जज के हटने के मुद्दे तक सीमित है, न कि केस के गुण-दोष पर।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। साथ ही, कोर्ट ने सभी पक्षों को बुधवार तक तीन पन्नों में संक्षिप्त लिखित दलीलें जमा करने का निर्देश दिया है।





