मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बड़ा अपडेट
मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक, या संभव हो तो दिवाली 2026 तक UCC लागू कर दिया जाए।
⚖️ क्या होगा UCC में?
UCC लागू होने के बाद:
- सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा
- विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए एक जैसे नियम होंगे
- धर्म के आधार पर अलग-अलग पर्सनल लॉ खत्म हो सकते हैं
🧠 कैसे बनेगा कानून?
सरकार जल्द ही एक हाई-लेवल कमेटी बनाएगी:
- अध्यक्ष: रिटायर्ड जज
- सदस्य: वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, कुलपति और कानूनी विशेषज्ञ
यह समिति UCC का ड्राफ्ट तैयार करेगी और लागू करने की प्रक्रिया तय करेगी।
📊 किन राज्यों से ली जा रही सीख?
मध्य प्रदेश सरकार इन राज्यों के मॉडल का अध्ययन कर रही है:
- उत्तराखंड – 2024 में UCC लागू
- गुजरात – 2026 में बिल पास
इन राज्यों में आई चुनौतियों और अनुभवों को ध्यान में रखकर नया कानून बनाया जाएगा।
🟢 सरकार का क्या कहना है?
मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक:
- UCC से राष्ट्रीय एकता मजबूत होगी
- सभी नागरिकों को मिलेगा समान अधिकार
- समाज में भेदभाव कम होगा
🔴 विपक्ष क्यों कर रहा विरोध?
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस पर सवाल उठाए हैं:
- सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है
- अलग-अलग धर्मों पर असर को लेकर चिंता
- इसे “राजनीतिक कदम” बताया
📈 क्यों ट्रेंड में है UCC?
- पूरे देश में UCC पर बहस तेज
- कई राज्यों में लागू होने की शुरुआत
- 2026 तक बड़े राजनीतिक मुद्दे के रूप में उभर सकता है
🧩 आगे क्या होगा?
- जल्द बनेगी समिति
- ड्राफ्ट तैयार होगा
- जनता और विशेषज्ञों से राय ली जाएगी
- फिर विधानसभा में बिल पेश किया जाएगा
📝 निष्कर्ष (Quick Take)
- मध्य प्रदेश UCC लागू करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है
- सरकार इसे समानता का कदम मान रही है
- विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बता रहा है
- असली असर कानून के अंतिम रूप पर निर्भर करेगा




