नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ रविवार को नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। सेना प्रमुख की यह यात्रा भारत और नेपाल के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नेपाल में सेना प्रमुख 17 से 19 अगस्त तक महत्वपूर्ण बैठकों व कई द्विपक्षीय संवादों में शामिल होंगे। 17 अगस्त से प्रारंभ होने वाली उनकी आधिकारिक यात्रा 19 अगस्त को संपन्न होगी।
उनके इस आधिकारिक दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी समझ को और बढ़ाना, साझा हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना तथा द्विपक्षीय रक्षा एवं सैन्य सहयोग को मजबूत करना है। अपनी नेपाल यात्रा के दौरान जनरल धीरज सेठ वहां वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और अन्य प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा सहयोग, सैन्य संबंधों और साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से घनिष्ठ सैन्य संबंध रहे हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित रूप से संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उच्चस्तरीय सैन्य आदान-प्रदान होते रहे हैं। दोनों सेनाओं के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाने में ऐसे उच्चस्तरीय दौरे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
थलसेना प्रमुख का यह नेपाल दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत मित्र देशों के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मौजूदा रक्षा संबंधों को नई गति देने और भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने में भी मददगार हो सकती है।
गौरतलब है कि भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने इसी सप्ताह मॉरीशस की आधिकारिक यात्रा की थी। बुधवार को उन्होंने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगूलाम से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने तथा भारतीय नौसेना और मॉरीशस राष्ट्रीय तटरक्षक बल के बीच सहयोग बढ़ाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई।
बैठक में मॉरीशस में भारत के उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत में समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण के आदान-प्रदान, सूचना साझा करने की व्यवस्था, क्षमता निर्माण और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच परिचालन स्तर पर सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
वहीं अब थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ की इस यात्रा से भारत-नेपाल के पारंपरिक और मजबूत रक्षा संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।





