Meta Description: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बर्लिन में जर्मन रक्षा उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात की। टेक्नोलॉजी सह-विकास और सह-उत्पादन पर हुई अहम चर्चा।
नई दिल्ली, 23 अप्रैल । Rajnath Singh ने Germany और India के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। यह मुलाकात Berlin में हुई, जिसमें रक्षा क्षेत्र में मौजूद व्यापक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
👉 बर्लिन में अहम बैठक, रक्षा सहयोग पर जोर
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। दोनों देशों के उद्योग जगत के साथ विस्तृत विचार-विमर्श में रक्षा उत्पादन, टेक्नोलॉजी और साझेदारी को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण सामने आया।
👉 जर्मन कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता
रक्षा मंत्री ने बताया कि जर्मन उद्योग जगत ने भारत में रक्षा क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की सराहना की है।
उन्होंने जर्मन कंपनियों से आग्रह किया कि वे भारत के साथ मिलकर उन्नत और विशेष तकनीकों के क्षेत्र में सह-विकास और सह-उत्पादन की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक स्थिरता भी मजबूत होगी।
👉 डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप पर हस्ताक्षर
रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने जर्मनी के रक्षा मंत्री Boris Pistorius से भी मुलाकात की। इस दौरान ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ पर हस्ताक्षर किए गए, जो दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग सहयोग को नई दिशा देगा।
👉 भारत विश्वसनीय रक्षा साझेदार बनने की ओर
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत विश्वसनीय साझेदारों के साथ मिलकर रक्षा उत्पादन और तकनीकी नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल भारत-जर्मनी रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
👉 भारतीय समुदाय से भी मिले राजनाथ सिंह
गौरतलब है कि Rajnath Singh ने बर्लिन में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए उन्हें भारत और जर्मनी के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ बताया।
👉 भारत की प्रगति पर दिया जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है और स्टार्टअप इकोसिस्टम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने के लिए सराहा।





