“कुछ ऐसा बनाएं जिस पर खुद भरोसा हो”: पल्लवी चटर्जी का फिल्ममेकिंग पर बड़ा बयान

Meta Description: अभिनेत्री पल्लवी चटर्जी ने फिल्म ‘शोलवाला’ और अपने करियर पर खुलकर बात की। जानिए OTT, कंटेंट और फिल्म निर्माण पर उनकी खास राय।

मुंबई, 23 अप्रैल। बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री Pallavi Chatterjee ने अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। आईएएनएस के साथ खास बातचीत में उन्होंने अपने फिल्मी सफर और फिल्म Sholawala की सफलता पर खुलकर चर्चा की।

👉 प्रोड्यूसर के तौर पर भी मजबूत पहचान

अभिनेत्री ने बताया कि प्रोडक्शन की दुनिया में उन्होंने काफी पहले ही कदम रखा था। उन्होंने कहा, “बतौर प्रोड्यूसर मेरा पहला प्रोजेक्ट ‘साहिबा बीबी गुलाम’ था, जो सहारा के लिए बनाया गया था। उस वक्त मैंने न केवल प्रोडक्शन संभाला बल्कि क्रिएटिव डायरेक्टर और स्क्रीनप्ले राइटर की भूमिका भी अदा की थी। तब से लेकर आज तक, एक कलाकार और निर्माता के तौर पर मेरा सफर समानांतर चल रहा है।”

👉 ‘शोलवाला’ की कहानी और प्रेरणा

अभिनेत्री ने बताया कि उनकी फिल्म ‘शोलवाला’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना मिली। फिल्म की प्रेरणा के बारे में उन्होंने कहा कि पुराने समय में कश्मीर से शॉल बेचने वाले लोग बेझिझक घरों में आते थे और उन पर लोग भरोसा करते थे।

उन्होंने फिल्म का उद्देश्य समझाते हुए कहा, “आज के समय में पहचान और कागजात सबसे अहम हो गए हैं। बिना सही दस्तावेजों के किसी को शक की नजर से देखा जा सकता है। हमारी फिल्म इसी मानवीय भावना और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों को एक नए नजरिए से पेश करती है।”

👉 फिल्म फेस्टिवल और बॉक्स ऑफिस दोनों जरूरी

पल्लवी चटर्जी ने कहा, “फिल्म फेस्टिवल में तारीफ मिलना गर्व की बात है, लेकिन फिल्म की आर्थिक सफलता भी उतनी ही जरूरी है।”

👉 OTT पर कंटेंट ही है असली किंग

उन्होंने बताया कि ओटीटी के आने से अब कंटेंट ही सबसे अहम हो गया है। विदेशी दर्शक फिल्म के बजट को नहीं, बल्कि उसकी कहानी को महत्व देते हैं।

👉 छोटी फिल्मों के लिए OTT बना बड़ा मौका

जब उनसे पूछा गया कि क्या ओटीटी प्लेटफॉर्म छोटी फिल्मों को आगे बढ़ने का मौका देते हैं, तो उन्होंने कहा, “फिल्म बनाना हमेशा से संघर्ष भरा रहा है। बड़े बजट की फिल्मों के लिए यह थोड़ा आसान हो सकता है, लेकिन अच्छा कंटेंट अपनी जगह बना ही लेता है।”

उन्होंने आगे कहा, “ओटीटी प्लेटफॉर्म अच्छी कहानियों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। अगर फिल्म अच्छी बनी है, तो उसे कोई न कोई प्लेटफॉर्म जरूर मिल जाता है—चाहे वह ओटीटी हो, यूट्यूब हो या कोई और माध्यम।”

👉 सबसे जरूरी क्या है?

अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “सबसे जरूरी बात यह है कि आप कुछ ऐसा बनाएं, जिस पर आपको खुद भरोसा हो, और जिसे बेचने को लेकर आप पूरी तरह आश्वस्त हों।”

 

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Author: jan news

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