एयरफोर्स जॉब्स: लोअर डिवीजन क्लर्क सहित 47 पदों पर निकली वैकेंसी, जल्द शुरू होंगी आवेदन प्रक्रिया 

दिल्ली, 29 अप्रैल । भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में शामिल होने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका सामने आया है। आईएएफ ने अलग-अलग क्षेत्रों में ग्रुप ‘सी’ के सिविलियन पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके रिक्तियों की घोषणा की है। इन पदों में लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी), सिविलियन मैकेनिकल ट्रांसपोर्ट ड्राइवर (नागरिक यांत्रिक परिवहन चालक-साधारण श्रेणी), और हिंदी टाइपिस्ट के कुल 47 पद शामिल हैं।

 

आईएएफ ने जिन 47 पदों पर भर्ती के लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं, उनमें मुख्यालय रखरखाव कमान, भारतीय वायु सेना से 14; मुख्यालय प्रशिक्षण कमान, भारतीय वायु सेना से 05; मुख्यालय केंद्रीय वायु कमान, भारतीय वायु सेना से 03; मुख्यालय पश्चिमी वायु कमान, भारतीय वायु सेना से 06; मुख्यालय पूर्वी वायु कमान, भारतीय वायु सेना से 06; मुख्यालय दक्षिण पश्चिमी वायु कमान, भारतीय वायु सेना से 05; मुख्यालय दक्षिणी वायु कमान, भारतीय वायु सेना से 01; और स्वतंत्र इकाइयां, भारतीय वायु सेना से 07 पद शामिल हैं।

 

इन पदों के लिए ऑफलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 2 मई से शुरू हो जाएगी और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 1 जून तय की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, उन्हें तय समय सीमा के अंदर अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा करने की सलाह दी जाती है।

 

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान या बोर्ड से संबंधित पद अनुसार 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण होने का सर्टिफिकेट होना चाहिए। इसी के साथ कैंडिडेट्स के पास टाइपिंग स्किल, हल्के और भारी वाहनों के लिए वैध सिविल ड्राइविंग लाइसेंस, आदि कौशल और अनुभव का होना भी अनिवार्य है।

 

उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना आवेदन के अंतिम तिथि के हिसाब से की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

 

योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की जांच, लिखित परीक्षा, कौशल/व्यावहारिक/शारीरिक परीक्षण, टाइपिंग टेस्ट, और ड्राइविंग टेस्ट के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी वेतन मैट्रिक्स 7वें सीपीसी के अनुसार लेवल-2 प्रति माह होगी।

 

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद संबंधित पद के लिए दिए गए आवेदन पत्र को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फिर फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियों को दर्ज करें। मांगे गए सभी डॉक्यूमेंट्स को आवेदन के साथ अटैच करें। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फॉर्म को एक लिफाफा में डालने के बाद उसे अधिसूचना में दिए गए पद से संबंधित वायुसेना स्टेशन/यूनिट के डाक पते पर पो

स्ट कर दें।

 

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झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

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