29 अप्रैल। असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दिवंगत गायक के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा से जुड़े कुछ लोगों के बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया है। शर्मा इस मामले में कथित भूमिका को लेकर फिलहाल जेल में बंद है।
अदालत ने इसके साथ ही महाबीर एक्वा नामक संस्था को भी जब्त करने का निर्देश दिया है, जिसे शर्मा से जुड़ा बताया जा रहा है। अदालत के इस फैसले को मामले की सुनवाई में अहम कदम माना जा रहा है।
यह मामला जुबीन गर्ग की मौत से जुड़ा है, जिनका निधन पिछले साल 19 सितंबर को सिंगापुर के लाजरस आइलैंड के पास तैराकी के दौरान हुआ था। घटना से एक दिन बाद उन्हें एनईआईएफ बैनर के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देनी थी।
घटना के बाद असम पुलिस की सीआईडी द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने विस्तृत जांच की और दिसंबर में चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट में सात लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें महंता का नाम भी शामिल है। इनमें से चार आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने विधानसभा में चर्चा के दौरान इस मामले को “सीधी और साफ हत्या” करार दिया था, जिससे सरकार का रुख साफ हो गया था।
हालांकि, दूसरी ओर सिंगापुर पुलिस की समानांतर जांच में किसी भी तरह की साजिश या हत्या के सबूत नहीं मिलने की बात कही गई थी। इसके बावजूद असम सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशी एजेंसियों की जांच का असर राज्य में चल रही जांच और मुकदमे पर नहीं पड़ेगा।
मामले की अगली सुनवाई और जमानत याचिका पर फैसला अब काफी अहम माना जा रहा है।





