तमिलनाडु: टीवीके के शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देने पर विजय ने पीएम मोदी का जताया आभार

नई दिल्ली, 5 मई । तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) ने शानदार प्रदर्शन किया। टीवीके ने 234 में से 108 सीटें जीतकर डीएमके और एआईएडीएमके जैसे पार्टियों को भी पीछे धकेल दिया। टीवीके को मिले इस जनादेश पर पीएम नरेंद्र मोदी ने टीवीके को बधाई और शुभकमनाएं दीं, जिसके बाद पार्टी अध्यक्ष विजय ने प्रधानमंत्री का आभार जताया।

 

 

टीवीके अध्यक्ष विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री कार्यालय आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। हमारी जनता का कल्याण ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।

 

उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर, हम राज्य की प्रगति और तमिलनाडु की जनता के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इस प्रयास में हम केंद्र सरकार के सहयोग की आशा करते हैं।

 

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने टीवीके को बधाई देते हुए कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में एनडीए का समर्थन करने वाले तमिलनाडु के मतदाताओं के प्रति हार्दिक आभार। हम जनता की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में हमेशा अग्रणी बने रहेंगे। टीवीके को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई। केंद्र सरकार तमिलनाडु की प्रगति और जनता के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

 

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद पार्टी अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को राज्य में सरकार बनाने का दावा औपचारिक रूप से पेश किया।

 

उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा है और विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का मौका देने का अनुरोध किया है।

 

लोक भवन (पहले राज भवन) को भेजे गए अपने संदेश में विजय ने कहा कि 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतने वाली पार्टी को सबसे बड़े दल के रूप में स्पष्ट जनादेश मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस स्थिति के आधार पर तमिलगा वेट्री कझगम को राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने का अधिकार है।

 

विजय ने अपने संदेश में कहा, “हम 108 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी हैं और सरकार बनाने का अधिकार रखते हैं। हम अपना बहुमत साबित करने का अवसर दिए जाने का अनुरोध करते हैं।”

 

उन्होंने समर्थन जुटाने के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा और कहा कि वे 15 दिनों के भीतर अपना बहुमत साबित कर सकते हैं।

 

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झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

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