बदलते मौसम में बेहद जरूरी मजबूत इम्यून सिस्टम, जानें मजबूत करने के पांच आसान तरीक

नई दिल्ली, 6 मई । बदलते मौसम में संक्रमण, सर्दी-जुकाम और अन्य बीमारियां तेजी से फैलने का डर लगा रहता है। ऐसे में इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत रखना बेहद जरूरी हो गया है। हेल्थ एक्सपर्ट इम्यूनिटी को बूस्ट करने के पांच आसान उपाय सुझाते हैं।

 

 

आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ के अनुसार, मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है और बीमार पड़ने की संभावना को कम करता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के इन सुझावों को अपनाकर आसानी से अपने और अपने परिवार के सेहत की रक्षा कर सकते हैं। विभाग ने बताया कि ये छोटी-छोटी आदतें लंबे समय में बड़ी सुरक्षा प्रदान करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम में दवा से ज्यादा जरूरी है अपनी दिनचर्या को स्वस्थ बनाना। अगर कोई पुरानी बीमारी है तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

 

इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए सबसे पहले गहरी नींद लें। इसके लिए रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी और अच्छी नींद लें, जो इम्यून सिस्टम के लिए सबसे जरूरी है। नींद के दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है और इम्यून सेल्स सक्रिय होते हैं। अनियमित नींद इम्यूनिटी को कमजोर कर देती है। दूसरा है अच्छा खाएं व चीनी कम करें। पौष्टिक आहार इम्यून सिस्टम की रीढ़ है। फल, सब्जियां, दालें, अनाज, मेवे और दही जैसी चीजें खाएं जो विटामिन सी, डी, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हों। वहीं, ज्यादा चीनी और जंक फूड से बचें क्योंकि यह इम्यूनिटी को नुकसान पहुंचाता है।

 

तीसरी जरूरी बात है नियमित व्यायाम करें। इसके लिए रोजाना 30 से 45 मिनट व्यायाम, सैर, योगासन या हल्की कसरत करें, जो इम्यून सेल्स को सक्रिय करती है। व्यायाम से रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में सूजन कम होती है। चौथा है तनाव का प्रबंधन, लगातार तनाव इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। ध्यान, प्राणायाम, संगीत सुनना या हॉबी के जरिए तनाव कम करें। अच्छा मूड इम्यूनिटी को मजबूत रखने में मदद करता है।

 

पांचवी जरूरी बात है खुद को हाइड्रेटेड रखें। शरीर में पानी की कमी इम्यून फंक्शन को प्रभावित करती है। पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ या हर्बल टी पिएं। इससे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और कोशिकाएं सक्रिय रहती हैं।

 

 

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झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

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