पंजाब सरकार की एक-एक नाकामी को हम जनता के पास लेकर जाएंगे: नितिन नवीन

लुधियाना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नतिन नवीन ने रविवार को पंजाब के लुधियाना में शक्ति केंद्र के प्रभारियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब भारत का ऐसा प्रांत है, जो भारत को न केवल सुरक्षा, बल्कि भारतीय संस्कृति के कवच के रूप में काम आता है। पंजाब के लोगों ने भारत को सुरक्षा दिया है, भारतीय संस्कृति का कवच दिया है, जिसके माध्यम से हमारा संस्कार पूरे विश्व में अलग स्थान दिलाता है। आज का दिन काफी विशेष है। आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है, जो हमारे नए भारत की पहचान को विश्व पटल पर रखता है। उन्होंने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि बीच के काल में हमारे गुरुओं की परंपराएं कुछ खो गई थीं। लेकिन हमारा सौभाग्य है कि हमें एक ऐसा प्रधानमंत्री मिला, जिन्होंने गुरुओं की परंपराओं, भारतीय संस्कृति को पूरे विश्व में पहचान दिलाई। आज हम कह सकते हैं कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हमारे बढ़ते हुए प्रभाव का विश्व में एक स्थान बना चुका है। आज पंजाब की पावन धरती से मैं अपने सभी गुरुओं को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि आज मैं अपने कार्यकर्ताओं को साक्षी मानकर और संकल्प के साथ कहता हूं कि पंजाब का विकास भारतीय जनता पार्टी के हाथों ही होना है, क्योंकि अभी तक पंजाब को कई फर्जी लोगों ने ठगा है। कुछ लोगों ने पंजाब को अपने एटीएम के रूप में उपयोग किया। पंजाब के लोगों की मेहनत और संघर्ष का जो फल मिलना चाहिए था, वो उनको नहीं मिल सका। इन लोगों ने पंजाब को सिर्फ लूटने का काम किया है। इन लोगों ने पंजाब की संस्कृति की हत्या करने का काम किया है। इसलिए हमें आज पंजाब को बचाने का संकल्प लेना है। पीएम मोदी के दिल में पंजाब का एक अलग ही स्थान है। प्रधानमंत्री पंजाब के प्राइड को भारत के प्राइड के रूप में देखते हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज जो पंजाब को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए थी, पंजाब को उन सुविधाओं से वंचित रखने का काम किया गया है, क्योंकि यहां की सरकार सिर्फ अपनी जेबें भरने में लगी है, लूटने में लगी है। आज पंजाब अंधकार में चला गया है। जिस पंजाब को इंफ्रास्ट्रक्चर का हब बनना चाहिए था, आज वो पंजाब ड्रग में डूबा हुआ है। मैं बताना चाहता हूं कि यहां की सरकार पंजाब के लिए अभिशाप बनकर आई है। उन्होंने कहा कि हम कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि पंजाब सरकार की एक-एक नाकामी को हम जनता के पास लेकर जाएंगे। यहां जिस प्रकार से कालाबाजारी, हत्या, और ड्रग का धंधा चल रहा है, उसे जनता को अवगत कराना है और इस भ्रष्ट आप सरकार को उखाड़ फेंकना है। पीएम मोदी के नेतृत्व में आज भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है, चाहे सुरक्षा का क्षेत्र हो या आर्थिक सशक्तिकरण का… हर मामले में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी तरह चाहे उज्ज्वला योजना हो, पीएम आवास योजना हो, आयुष्मान भारत योजना हो, या पीएम किसान सम्मान निधि हो… इन सारी कल्याणकारी योजनाओं को देश के जन-जन तक पहुंचाकर उन्हें सशक्त करने का काम हुआ है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता से मेरी आग्रह है कि आप हमें 5 साल मौका देकर देखिए, हम पंजाब को विकसित राज्य बनाकर देंगे। आप लोगों ने कइयों को आजमाया है, देखा है… एक बार भाजपा के कमल को खिलाकर देखिए, हर घर में खुशहाली होगी, नया सवेरा होगा।

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झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

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