धीरपुर में बनेगा डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय का नया कैंपस, सीएम रेखा गुप्ता ने दी मंजूरी

नई दिल्‍ली। दिल्ली में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति ने बुधवार को उत्तरी दिल्ली के धीरपुर में डॉ. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली (एयूडी) के अत्याधुनिक नए कैंपस के निर्माण को मंजूरी दे दी है। लगभग 1,668 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाला यह कैंपस राजधानी में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करेगा और हजारों विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, नया कैंपस विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करेगा और राष्ट्रीय राजधानी में उच्च शिक्षा के अवसरों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और सुलभ उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। बैठक में दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, शिक्षा मंत्री आशीष सूद सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। परियोजना के क्रियान्वयन से संबंधित आगे की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं अब दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग आगे बढ़ाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षा किसी भी विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव होती है और दिल्ली सरकार युवाओं को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धीरपुर में विकसित होने वाला नया अंबेडकर विश्वविद्यालय परिसर न केवल उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दिल्ली की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ शैक्षणिक वातावरण का नया मानक भी स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, लगभग 20 हेक्टेयर (50 एकड़) क्षेत्र में विकसित किए जाने वाले इस अत्याधुनिक परिसर को चरणबद्ध तरीके से लगभग 8,000 विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। परियोजना के प्रथम चरण में 5,400 विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही 840 विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधाएं और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। नए कैंपस में आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक, केंद्रीय पुस्तकालय, प्रशासनिक भवन, छात्र सुविधाएं, 2,500 सीटों की क्षमता वाला भव्य सभागार, स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह परिसर विद्यार्थियों को आधुनिक, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराएगा। सीएम ने कहा कि यह कैंपस शिक्षा और सतत विकास के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण होगा। परिसर को जीआरआईएचए 5-स्टार रेटिंग के अनुरूप विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत सौर एवं भू-तापीय ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और जल संरक्षण एवं प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना को दिल्ली शहरी कला आयोग (डीयूएसी) और दिल्ली अग्निशमन सेवा सहित आवश्यक प्रमुख वैधानिक अनुमतियां पहले ही प्राप्त हो चुकी हैं, जिससे इसके क्रियान्वयन का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह स्वीकृति दिल्ली में उच्च शिक्षा के विस्तार और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल नए शैक्षणिक भवन बनाना नहीं, बल्कि ऐसे संस्थान विकसित करना है जो विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा, शोध, नवाचार और व्यक्तित्व विकास के अवसर प्रदान करें। धीरपुर में विकसित होने वाला यह नया परिसर विद्यार्थियों को आधुनिक, समावेशी और टिकाऊ शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराएगा तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करेगा। दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है ताकि राजधानी का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके तथा दिल्ली देश के अग्रणी ज्ञान और शिक्षा केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और सशक्त बना सके।

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झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

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