नई दिल्ली, 21 जुलाई। प्रधानमंत्री आवास के बाहर विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया। दोनों नेताओं को प्रदर्शन के बाद अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया था।
विपक्ष ने 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में संसद भवन से प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी पीएम आवास के पास धरने पर बैठ गए। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से वहां से हटने को कहा। इनकार करने पर नेताओं और सांसदों को बसों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया। राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम, प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाना और अन्य सांसदों को किंग्सवे कैंप क्षेत्र ले जाया गया।
रिहाई के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों के साथ कोई संवाद नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में दोबारा उठाएगी।
प्रियंका गांधी ने कहा, “मेरे भाई बहुत मजबूत हैं, वह सब बर्दाश्त कर लेंगे। छात्रों के साथ जो हुआ, वह गलत था। देश के युवा और छात्र हमारे भविष्य हैं। यदि हम उनके अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा नहीं कर सकते और उनके साथ दमनात्मक व्यवहार होगा, तो यह चिंता का विषय है।”
इस बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी, हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो, छात्रों के इंसाफ की यह लड़ाई अब न रुकेगी, न झुकेगी।”





