रांची: कांग्रेस कार्यालय घेरने पहुंचे भाजयुमो कार्यकर्ता, पुलिस से झड़प

रांची, 22 जुलाई (आईएएनएस)। रांची में भारतीय जनता युवा मोर्चा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) मुख्यालय के घेराव के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार से पहले रोक दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई तथा कांग्रेस कार्यालय के बाहर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

भाजपा कार्यकर्ता श्रद्धानंद रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ते हुए राज्य सरकार और कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने रोड पर बैरेकेडिंग लगा रखी थी। प्रदर्शनकारियों ने इसे तोड़कर कार्यालय परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मुख्य द्वार से पहले ही उन्हें रोक दिया। इसके बाद कुछ देर तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच खींचतान और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही।

भाजपाइयों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की, तो इसके जवाब में कांग्रेस भवन में मौजूद सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा के केंद्रीय नेताओं और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए कांग्रेस कार्यालय और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।

पुलिस ने दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने आने से रोकने का प्रयास किया, हालांकि कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी जारी रही। इससे पहले दिन में भाजयुमो के कार्यकर्ता जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में एकत्र हुए थे। वहां से निकले जुलूस ने जेपीएससी मुख्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आयोग के मुख्य गेट तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोका, जिससे वहां भी धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी। भाजपा नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा के परिणाम और कट-ऑफ प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।

उनका कहना था कि राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग दोहराई। कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और कांग्रेस भर्ती घोटालों तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया पहले से चल रही है और विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। समाचार लिखे जाने तक कांग्रेस कार्यालय के बाहर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात रखा गया है।

 

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झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

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