फराह खान ने ‘लॉक अप’ को बताया अपना ड्रीम जॉब, बोलीं-अब तक का सबसे बेहतरीन रियलिटी शो

मुंबई, 27 जुलाई (आईएएनएस)। फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों रियलिटी शो ‘लॉक अप: सच या सजा’ में को-होस्ट के तौर पर नजर आ रही हैं। उन्होंने इस शो के सफर को यादगार बताया। फराह ने कहा कि इस शो को होस्ट करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। इस शो को होस्ट करना एक ड्रीम जॉब जैसा है।

फराह खान ने शो के बारे में बात करते हुए कहा, ”हर कोई जानता है कि मुझे रियलिटी टीवी का कितना शौक है। इसलिए जब मैं कहती हूं कि ‘लॉक अप’ अब तक देखा गया सबसे बेहतरीन रियलिटी शो है, तो मैं सच में ऐसा महसूस करती हूं। यह सिर्फ मेरे होस्ट करने की वजह से नहीं है, बल्कि एक दर्शक के तौर पर भी मुझे यह शो काफी पसंद है।”

उन्होंने कहा, ”शो को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैं जहां भी जाती हैं, लोग मुझसे ‘लॉक अप’ के बारे में बात करते हैं। चाहे वह इंडस्ट्री के दोस्त हों, एयरपोर्ट पर मिलने वाले लोग हों, शूटिंग के दौरान मिलने वाले लोग हों या फिर फैंस, हर कोई इस शो से जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है। यह शो अब सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं रह गया है, बल्कि एक बड़ा पॉप कल्चर फेनोमेनन बन चुका है।”

फराह ने बताया, ”शो की निर्माता एकता कपूर और नेटफ्लिक्स ने मुझे और अभिनेता रितेश देशमुख को ऐसे अनुभव का हिस्सा बनने का मौका दिया, जहां हमने कंटेस्टेंट्स की जिंदगी के कई अनदेखे पहलुओं को करीब से देखा। शो में सिर्फ लड़ाई और बहस नहीं होती, बल्कि इसमें लोगों के बदलाव और खुद को समझने की प्रक्रिया भी दिखाई जाती है। यह ऐसा शो है जहां लोग खुद को पहचानते हैं, एक-दूसरे से जुड़ते हैं और कई बार अपनी गलतियों से आगे बढ़ने का रास्ता खोजते हैं।”

फराह ने नेटफ्लिक्स का धन्यवाद करते हुए कहा, ‘लॉक अप’ को होस्ट करना मेरे लिए एक सपने जैसा अनुभव रहा है।

शो के दूसरे होस्ट रितेश देशमुख ने भी इसकी सफलता को लेकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, ”शो को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रिया शानदार रही है और तीन हफ्तों में 50 मिलियन व्यूज का आंकड़ा पार करना इस बात का सबूत है कि लोगों ने शो से गहरा जुड़ाव महसूस किया है। इस सफर ने मुझे यह समझाया कि हर इंसान के अंदर एक ऐसी कहानी होती है, जिसे पहली नजर में नहीं देखा जा सकता।”

उन्होंने आगे कहा, ”शो के दौरान कंटेस्टेंट्स को अपने डर, कमजोरियों और छिपी हुई भावनाओं का सामना करते देखना काफी भावुक अनुभव रहा। ‘लॉक अप’ ने उन मुद्दों पर बातचीत शुरू की है, जिनके बारे में अक्सर लोग खुलकर बात नहीं करते। आप भावनाओं को स्क्रिप्ट नहीं कर सकते और शायद यही वजह है कि यह शो इतने लोगों से जुड़ पाया है।”

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झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

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