भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के हालिया “Generation Gutter” वाले बयान ने देशभर में नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों और फिल्म जगत तक इस बयान की तीखी चर्चा हुई। कई प्रसिद्ध हस्तियों ने कंगना के बयान का विरोध किया, जबकि कंगना ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी पूरी युवा पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार को लेकर थी।
सोनू सूद ने क्या कहा?
अभिनेता सोनू सूद ने कंगना के बयान पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को सोच-समझकर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, क्योंकि वही लोग कलाकारों को स्टार बनाते हैं। सोनू सूद ने इस तरह के सामान्यीकरण को अनुचित बताया।
विशाल ददलानी की प्रतिक्रिया
गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने भी कंगना की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं की भाषा पर सवाल उठाने से पहले यह देखना चाहिए कि वे किन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोगों का गुस्सा उनकी परिस्थितियों से पैदा हुआ है और इस पर संवेदनशीलता से बात होनी चाहिए।
राखी सावंत ने साधा निशाना
अभिनेत्री राखी सावंत ने भी कंगना के बयान की आलोचना की। उन्होंने छात्रों और युवाओं का समर्थन करते हुए कहा कि पूरे युवा वर्ग को अपमानित करना उचित नहीं है। राखी ने अपने अंदाज़ में कंगना पर तीखा हमला बोला और बयान को गलत बताया।
पप्पू यादव ने उठाई कार्रवाई की मांग
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कंगना के बयान पर लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत की। उन्होंने कहा कि करोड़ों युवाओं का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता और इस मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए। उनके अनुसार, जनप्रतिनिधियों की भाषा संयमित और जिम्मेदार होनी चाहिए।
सौरव दास ने भी किया विरोध
Cockroach Janta Party (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने भी कंगना के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि युवाओं के बारे में इस तरह की टिप्पणी अनुचित है। इसके बाद कंगना और सौरव दास के बीच सोशल मीडिया पर तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
कंगना ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उनका निशाना पूरी Gen Z पीढ़ी नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी आपत्ति केवल उन लोगों से थी जिन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
निष्कर्ष
कंगना रनौत का बयान एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक विवाद का कारण बन गया। बॉलीवुड कलाकारों से लेकर राजनेताओं और सामाजिक संगठनों तक कई लोगों ने इसकी आलोचना की। दूसरी ओर, कंगना अपने बयान पर सफाई देती रहीं। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों की भाषा और जिम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण होती है।





