मंगला गौरी व्रत की शाम में करें ये आसान उपाय, घर में आएगी सुख-समृद्धि

नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। मंगला गौरी व्रत सावन के सबसे शुभ व्रतों में से एक माना जाता है। यह व्रत मां पार्वती को समर्पित होता है और खास तौर पर सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली के लिए इसे रखती हैं। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान से पूजा करने और शाम के समय कुछ आसान उपाय अपनाने से मां गौरी और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर में सुख-समृद्धि, धन और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगला गौरी व्रत की शाम घर के मुख्य द्वार पर घी या तिल के तेल का दीपक जरूर जलाना चाहिए। कहा जाता है कि संध्या के समय भगवान शिव और मां पार्वती भ्रमण पर निकलते हैं। ऐसे में घर के बाहर जलाया गया दीपक उनका स्वागत करता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। मान्यता है कि इससे नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और परिवार पर देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है।

अगर संभव हो तो इस दिन किसी शिव-पार्वती मंदिर जाकर भगवान के चरणों में दीपक जलाएं। ऐसा करने से आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं और जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं। कई लोग इस दिन मंदिर में जाकर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की भी प्रार्थना करते हैं।

धन संबंधी परेशानियों से राहत पाने के लिए मंगला गौरी व्रत पर सुबह और शाम तुलसी माता के सामने दीपक जलाना भी बेहद शुभ माना जाता है। सनातन धर्म में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। नियमित रूप से तुलसी पूजा करने से घर में समृद्धि बनी रहती है।

इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता है कि पीपल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों भगवान का वास होता है। ऐसे में यहां दीपक जलाकर भगवान से सुख, शांति और संकटों से रक्षा की प्रार्थना करने से जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं।

घर के पूजा स्थल या ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में भी सुबह और शाम एक दीपक जरूर जलाएं। वास्तु शास्त्र में इस दिशा को सबसे शुभ माना गया है। कहा जाता है कि यहां दीपक जलाने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं रहती और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

दीपक जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। जलते हुए दीपक को कभी सीधे जमीन पर न रखें। उसे किसी थाली, चौकी या फूलों, चावल या काले तिल का आसन देकर स्थापित करें। दीपक की बत्ती के लिए सूती धागे या मौली का उपयोग करना शुभ माना जाता है। वहीं मां पार्वती को प्रसन्न करने के लिए दीपक में गुलाब की कुछ पंखुड़ियां डालना भी शुभ माना जाता है।

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