भोपाल में आज से ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक और कार्य समूह के सत्र किए जाएंगे आयोजित

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भोपाल बुधवार से ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (सीडब्ल्यूजी) की तीसरी बैठक और ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करने के लिए तैयार है, जिसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने और विरासत संरक्षण, संग्रहालयों, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों और लोगों के बीच आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आएंगे।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित यह बैठक 8 अगस्त को ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा को अपनाने के साथ समाप्त होगी, जिसमें भविष्य के सांस्कृतिक सहयोग के लिए रोडमैप की रूपरेखा दी गई है।

केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल बुधवार से आने शुरू हो जाएंगे। औपचारिक सत्र शुरू होने से पहले पहला दिन पंजीकरण, मान्यता प्राप्त करने, द्विपक्षीय बैठकों और प्रदर्शनियों के भ्रमण के लिए समर्पित होगा। प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का भी दौरा करेंगे, जहां वे पारंपरिक शिल्पकला और आदिवासी संस्कृति के प्रदर्शन देखेंगे, जिसके बाद एक सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।

ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत नामक तीन प्रदर्शनियां बुधवार को कुशभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में होंगी और सम्मेलन के दौरान जनता के लिए खुली रहेंगी। अग्रवाल ने कहा कि इन प्रदर्शनियों में भारत की हस्तलिखित विरासत, समुद्री संबंध और सभ्यतागत जुड़ाव प्रदर्शित किए जाएंगे।

संस्कृति कार्य समूह 6 अगस्त को मसौदा घोषणापत्र और सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालयों, सांस्कृतिक उद्योगों, क्षमता निर्माण और आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा करने के लिए बैठक करेगा। सिफारिशें 8 अगस्त को संस्कृति मंत्रियों के समक्ष रखी जाएंगी।

इस सम्मेलन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव भी शामिल होगा, जिसमें “ब्रिक्स शांति गीत – शांति ही इस भूमि की भाषा है” और “अमृतस्य मध्य प्रदेश” नामक प्रस्तुतियों के माध्यम से 125 से अधिक कलाकार राज्य की विरासत का प्रदर्शन करेंगे।

मध्य प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (संस्कृति) शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और यह आयोजन राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को भी प्रदर्शित करेगा। मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद, प्रतिनिधिमंडल 8 अगस्त को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का दौरा करेगा, और 9 अगस्त को भीमबेटका रॉक शेल्टर्स का वैकल्पिक दौरा भी निर्धारित है।

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झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

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