भारतीय शेयर बाजार के मजबूत स्तंभ के रूप में उभर रहे घरेलू निवेशक, एफपीआई की बिकवाली का कम किया दबाव : सेबी

नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) वित्त वर्ष 26 में एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरे हैं और इस दौरान उन्होंने 8.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। इससे पिछले वित्त वर्ष के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की 1.8 लाख करोड़ रुपए की बिकवाली के शेयर बाजार पर प्रभाव को कम करने में मदद मिली है। यह जानकारी भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की वार्षिक रिपोर्ट में दी गई।

घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी से डीआईआई की हिस्सेदारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर लिस्टेड सिक्योरिटीज में बढ़कर 17 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वहीं, एफपीआई की हिस्सेदारी घटकर 15 महीने के निचले स्तर 15.8 प्रतिशत पर आ गई है।

इसके अलावा, घरेलू निवेश में म्यूचुअल फंड का बड़ा हिस्सा रहा। इन्होंने लगभग 6.4 लाख करोड़ रुपए का योगदान दिया, जिसमें लगातार सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) निवेश और रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का अहम रोल रहा।

यह ट्रेंड निवेशकों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच देखने को मिला है। साल के दौरान डीमैट खातों की संख्या बढ़कर 22.5 करोड़ हो गई, जो डिजिटल ऑनबोर्डिंग और मार्केट तक आसान पहुंच की वजह से व्यापक भागीदारी को दर्शाता है।

सेबी की रिपोर्ट में भारत के कैपिटल मार्केट के बढ़ते विस्तार पर भी जोर दिया गया।

कॉरपोरेट इंडिया ने पब्लिक इक्विटी ऑफरिंग के जरिए रिकॉर्ड 2.35 लाख करोड़ रुपए जुटाए। इसमें इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ), फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) और राइट्स इश्यू शामिल हैं। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 11.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

इसके अलावा, वित्त वर्ष 26 में रिकॉर्ड 257 कंपनियों ने एसएमई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके 11,587 करोड़ रुपए जुटाए, जबकि राइट्स इश्यू के ज़रिए जुटाई गई पूंजी 134.2 प्रतिशत बढ़कर 46,168 करोड़ रुपए हो गई।

प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए जुटाया गया फंड 76.3 प्रतिशत बढ़कर 1.48 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि शेयर बायबैक 143.6 प्रतिशत बढ़कर 19,238 करोड़ रुपए हो गया। कंपनियों ने अपने लगभग पूरे ऑफर साइज का इस्तेमाल किया।

साथ ही, डेट मार्केट में भी जबरदस्त हलचल देखी गई, जिसमें पब्लिक डेट इश्यू के जरिए फंड जुटाने में 39.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 11,343 करोड़ रुपए हो गया।

सेबी के अनुसार, ये घटनाक्रम भारत के कैपिटल मार्केट की बढ़ती परिपक्वता और मजबूती को दिखाते हैं, जहां घरेलू बचत ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फ्लो के असर को कम कर रही है।

बाजार नियामक ने यह भी कहा कि घरेलू भागीदारी बढ़ने, रिटेल ओनरशिप में बढ़ोतरी और फंड जुटाने के अलग-अलग तरीकों ने एक बड़े और ज्यादा स्थिर मार्केट इकोसिस्टम में योगदान दिया है, भले ही विदेशी निवेशक साल भर शुद्ध विक्रेता बने रहे।

Share this post:

खबरें और भी हैं...

झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

Read More »

लाइव टीवी

लाइव क्रिकट स्कोर

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

Quick Link