पीएम मोदी के नेतृत्व में किए गए 9 व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश के किसानों और उद्योगों के लिए खुलेंगे वैश्विक बाजार: पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए 9 नए व्यापार समझौतों (ट्रेड डील्स) से अरुणाचल प्रदेश के किसानों, धातु उत्पादकों और विनिर्माण क्षेत्र को वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से पूर्वोत्तर राज्य के लिए निर्यात और आर्थिक विकास के नए अवसर खुलेंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए एक पोस्ट में पीयूष गोयल ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत द्वारा किए गए नौ व्यापार समझौतों से अरुणाचल प्रदेश को कृषि, विनिर्माण, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में लाभ मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए 9 नए व्यापार समझौतों की बदौलत अरुणाचल प्रदेश के किसानों, धातु उत्पादकों और निर्माताओं को अब वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।”

गोयल ने आगे कहा कि देश का सीमावर्ती राज्य अब भारत की विकास गाथा में अग्रिम पंक्ति की भूमिका निभाने के लिए तैयार है और वैश्विक व्यापार से मिलने वाले अवसर उसके आर्थिक विकास को नई गति देंगे।

मंत्री द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए एक वीडियो के अनुसार, इन व्यापार समझौतों में ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए), संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस और ओमान सहित कई देशों के साथ हुए समझौते शामिल हैं।

पीयूष गोयल ने कहा कि इन समझौतों का सबसे बड़ा लाभ किसानों और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मिलेगा। अरुणाचल प्रदेश के कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को अब अधिक समृद्ध और बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा, जिससे राज्य के कृषि निर्यात में वृद्धि हो सकती है।

उन्होंने कहा कि राज्य के बेस मेटल उत्पादकों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। इसके अलावा विनिर्माण क्षेत्र को कम आयात-निर्यात शुल्क और व्यापक निर्यात अवसरों का लाभ मिलेगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

वीडियो में बताया गया कि ऑटो कंपोनेंट्स और ब्रेक लाइनिंग्स जैसे उत्पाद, जो अब तक मुख्य रूप से घरेलू या स्थानीय बाजारों तक सीमित थे, व्यापार समझौतों के तहत शुल्क बाधाओं में कमी आने से विदेशी बाजारों में भी अपनी जगह बना सकेंगे।

मंत्री ने कहा कि केवल वस्तुओं का निर्यात ही नहीं, बल्कि राज्य का इको-टूरिज्म सेक्टर भी इन समझौतों से लाभान्वित होगा। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों और वैश्विक पहचान के कारण अरुणाचल प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

गोयल ने कहा कि इन व्यापार समझौतों का प्रत्यक्ष लाभ खेती, विनिर्माण और उनसे जुड़े अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों तक पहुंचेगा। इससे रोजगार, आय और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने विश्वास जताया कि बढ़ते वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ गहरे जुड़ाव के बल पर अरुणाचल प्रदेश “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करने में और अधिक महत्वपूर्ण योगदान दे सकेगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, कृषि क्षमता और उभरते उद्योग आने वाले वर्षों में उसकी आर्थिक प्रगति के प्रमुख आधार बन सकते हैं।

Share this post:

खबरें और भी हैं...

झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

Read More »

लाइव टीवी

लाइव क्रिकट स्कोर

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

Quick Link