ग्वालियर: गाड़ी की टक्कर के बाद दो कांवड़ियों पर हमला, तीन हिरासत में

ग्वालियर, 7 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक मामूली वाहन टक्कर के बाद दो कांवड़ यात्रियों पर लाठी, लोहे की रॉड और हथौड़े से हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

गुरुवार रात बहोदापुर पुलिस स्टेशन इलाके के घास मंडी में जब ग्वालियर के कांवड़ियों का एक समूह पवित्र जल लेने हरिद्वार जा रहा था। इस दौरान एक कार ने तीर्थयात्रियों को ले जा रही गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। कार सवार लोगों ने अपने साथियों के साथ मिलकर डंडों, लोहे की छड़ों और हथौड़े से कांवड़ियों पर हमला किया और फिर मौके से भाग गए।

पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

घायल हुए दो तीर्थयात्रियों की पहचान विवेक यादव और शुभम यादव के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि विवेक के सिर पर हथौड़े से वार किए जाने के कारण उन्हें गंभीर चोट आई, जबकि शुभम को भी हमले में चोटें आईं।

बहोदापुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ आलोक सिंह परिहार ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं।

परिहार ने कहा, “पीड़ितों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। हमने तीन लोगों को हिरासत में लिया है और हमले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।”

इस घटना के बाद बजरंग दल के सदस्यों, साथी कांवड़ियों और समर्थकों ने विरोध-प्रदर्शन किया। वे आरोपी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग को लेकर बहोदापुर और ग्वालियर पुलिस स्टेशनों के बाहर जमा हुए।

उन्होंने कुछ देर के लिए बहोदापुर पुलिस स्टेशन के बाहर सड़क भी जाम कर दी, जिससे ट्रैफिक बाधित हुआ। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाकर जाम खत्म करने के लिए मनाया।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। परिहार ने कहा, “हम इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं और दूसरे सबूत भी जुटा रहे हैं। बाकी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हम लोगों से अपील करते हैं कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।”

Share this post:

खबरें और भी हैं...

झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

Read More »

लाइव टीवी

लाइव क्रिकट स्कोर

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

Quick Link