देश के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली, 8 अगस्त (आईएएनएस)। शनिवार को भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में व्यापक बारिश का अनुमान लगाया है।

शुक्रवार रात जारी आईएमडी के अनुमान के अनुसार, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि देश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं वाले इलाकों में सावधानी बरतें।

उत्तरी भारत में, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मध्यम से लेकर भारी बारिश होने की उम्मीद है, जबकि शनिवार को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी व्यापक बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वी भारत में, ओडिशा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक बारिश की उम्मीद है। ओडिशा के लिए 8 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि बिहार में भी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है।

पूर्वोत्तर में भी मौसम खराब रहने की उम्मीद है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी भारत में, कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश होने की संभावना है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।

दक्षिणी और प्रायद्वीपीय भारत में भी अच्छी-खासी बारिश होने की उम्मीद है। आईएमडी ने 8 अगस्त को तटीय कर्नाटक और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान लगाया है, साथ ही कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

आईएमडी ने खराब मौसम के कारण मछुआरों को ओमान, कर्नाटक और केरल के तटों सहित समुद्र के कई इलाकों में न जाने की चेतावनी भी दी है।

इस बीच, शुक्रवार को दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया, ट्रैफिक बाधित हुआ और पूरे क्षेत्र में कई आपातकालीन घटनाएं हुईं।

दक्षिण दिल्ली की एमबी रोड पर सबसे ज्यादा जलभराव देखा गया, खासकर एयरफोर्स स्टेशन के पास, जहां पानी का स्तर कथित तौर पर लगभग चार फीट तक पहुंच गया, जिससे गाड़ियां फंस गईं और ट्रैफिक बुरी तरह बाधित हुआ। खबरों के मुताबिक, पानी से भरे रास्तों पर जाने के बाद कई मोटरसाइकिलें और ऑटो-रिक्शा बंद हो गए, जबकि कुछ जलमग्न इलाकों में आवाजाही में मदद के लिए एयरफोर्स के ट्रकों का इस्तेमाल किया गया।

आईटीओ, पटेल रोड, रोहतक रोड, वजीराबाद रोड, कीर्ति नगर, शाहीन बाग, दिल्ली-जयपुर हाईवे और बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन के आस-पास के इलाकों समेत कई मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक धीमा रहा। पानी से भरे सबवे और डूबी हुई सड़कों ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

Share this post:

खबरें और भी हैं...

झारखंड में छात्रों का 16वें दिन विरोध-प्रदर्शन जारी, सरकार पर ‘खोखले वादे’ करने का लगाया आरोप रांची, 9 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी छात्रों और राज्य सरकार के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी छात्रों की मुख्य मांगों पर किसी नतीजे या समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहा। 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की ओर से आयोजित 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के सामने आने के बाद से ही छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के समर्थन में कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार पर “खोखले वादे” करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि सरकार उनके प्रतिनिधियों के साथ बार-बार बातचीत तो करती है, लेकिन छात्रों की मांगों को न तो मानती है और न ही उन पर कोई कार्रवाई करती है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार देर रात से उनकी तबीयत बिगड़ रही है। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की एक टीम विरोध स्थल पर पहुंची और महतो को सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था और एहतियात के तौर पर उन्हें सलाइन दिया गया। अपनी बिगड़ती सेहत के बावजूद, महतो ने कहा है कि वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे और न ही अपनी मांगों से समझौता करेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि उनकी भूख हड़ताल और छात्रों का व्यापक विरोध-प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए मुद्दों का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता। आईएएनएस से बात करते हुए महतो ने कहा, “रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया और टेस्ट किया। ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।” डॉक्टर ए.के. सिन्हा कहते हैं, “जो कोई भी लंबे समय तक भूखा रहता है, उसके पेट में ज़्यादा एसिड बनने लगता है। क्योंकि वह कुछ खा नहीं रहा है, इसलिए पेट सामान्य रूप से काम नहीं कर पाता। इसी वजह से उसे सीने में दर्द हो रहा है। हालाँकि, उसका दिल और फेफड़े सामान्य हैं।” इस बीच छात्र नेता चंदन ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे और न्याय की मांग करेंगे। महतो की तबीयत ठीक नहीं है, कल रात उनका ब्लड शुगर लेवल गिर गया था। फिर भी, उन्होंने हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है।” भूख हड़ताल में शामिल छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, “भूख हड़ताल पर यह मेरा छठा दिन है। देवेंद्र बाबू की सेहत भी थोड़ी बिगड़ रही है। आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सिर्फ खोखले वादे किए जा रहे हैं। मैं सरकार को बस यह साफ कर देना चाहता हूं कि बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।” छात्र नेता महेंद्र प्रसाद मंडल ने कहा, “मैं भी एक छात्र रहा हूं। अपनी छात्र जिंदगी बिताने के बाद जब झारखंड में भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हमें नौकरी नहीं मिल पाई, तो हमने आने वाली पीढ़ियों के लिए भूख हड़ताल करने का फैसला किया। सरकार बार-बार प्रतिनिधिमंडल को बुला तो रही है, लेकिन हमारी मांगों पर खुलकर विचार नहीं कर रही है। कल 10 अगस्त है, और विधानसभा तक विरोध मार्च भी निकाला जाएगा।” छात्रों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग उन परीक्षाओं को रद्द करना है, जिनमें गड़बड़ी का आरोप है। साथ ही, वे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता की भी मांग कर रहे हैं। इससे पहले, शुक्रवार को बातचीत के पहले दौर में सरकार के पांच सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया था। छात्रों ने सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं और चल रहे आंदोलन के दौरान उठाए गए मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगा। हालांकि, शनिवार को झारखंड सरकार और विरोध कर रहे छात्रों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। इस बातचीत से दोनों पक्षों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके और न ही विरोध कर रहे छात्र अपना आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार हुए। –आईएएनएस ओपी/एएस

Read More »

लाइव टीवी

लाइव क्रिकट स्कोर

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

Quick Link