अमेरिका ने माना, ‘एमटी जलवीर पर ओमान की खाड़ी में दागीं मिसाइलें’

टाम्पा (फ्लोरिडा)। अमेरिका ने माना है कि उसने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले एमटी जलवीर को निशाना बनाया है। कथित तौर पर उनके निर्देशों का पालन न करने के कारण ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर को निष्क्रिय किया गया। सेंटकॉम ने इसे लेकर बयान जारी किया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जहाज ईरानी तेल के परिवहन की कोशिश कर रहा था और ईरान के खिलाफ लागू नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा था। इस सप्ताह अमेरिकी कार्रवाई का शिकार बनने वाला यह तीसरा वाणिज्यिक जहाज है। यूनाइटेड नेशन्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले एमटी जलवीर के खिलाफ कार्रवाई की। अमेरिकी दावे के अनुसार, जहाज ईरान से तेल लेकर ओमान की खाड़ी के रास्ते आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा था। जब चालक दल ने अमेरिकी बलों के निर्देशों का बार-बार पालन नहीं किया, तो एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाते हुए दो हेलफायर मिसाइलें दागीं। सेंटकॉम के अनुसार, इससे पहले सोमवार और मंगलवार को क्रमशः पालाउ-ध्वज वाले एमटी मैरीवेक्स और एमटी सेट्टेबेलो को भी निशाना बनाया गया था। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि मैरीवैक्स ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहा था, जबकि सेट्टेबेलो ईरानी तेल ले जा रहा था। ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले जहाजों एमटी सेट्टेबेलो और एमटी जलवीर पर हुए हमलों को लेकर भारत ने अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारतीय जहाजों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में 3 भारतीय नाविकों की मौत के बाद, भारत ने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के उप-प्रमुख को तलब कर गहरी आपत्ति जताई है। 10 जून को एमटी सेट्टेबेलो पर किए गए हमले में भारत के तीन नाविकों की मौत हो गई। इससे पहले मंगलवार को एमटी मैरीवेक्स पर हमला हुआ था जिसके बाद 24 नाविकों को रेसेक्यू किया गया था। अमेरिकी सेना ने कहा कि 13 अप्रैल को नाकाबंदी शुरू होने के बाद से उसके बलों ने निर्देशों का पालन न करने वाले कुल नौ जहाजों को निष्क्रिय किया है। वहीं, 135 जहाजों को दिशा बदलने के लिए मजबूर किया गया, जबकि मानवीय सहायता से जुड़े 42 जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई।

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