जकार्ता, 7 सितंबर (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के सेंट्रल पापुआ प्रांत के पानियाई स्थित एक बाजार में सोमवार तड़के भीषण आग लग गई। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें छह बच्चे भी शामिल थे।
ये आग तेजी से आस-पास की दुकानों और घरों में फैल गई। पुलिस ने बताया कि फायर फाइटर्स की ओर से फायर ट्रक और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के बावजूद आग तीन घंटे तक धधकती रही।
सिंहुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, स्थानीय पुलिस प्रवक्ता हेनरी जे. मानुरुंग ने बताया कि अधिकारियों को घटनास्थल की जांच के दौरान पीड़ित मिले, जो सभी बुरी तरह जल गए थे। मरने वालों में पांच वयस्क थे, जबकि बाकी छह बच्चे थे जिनकी उम्र दो से नौ साल के बीच थी। अधिकारी आग लगने के कारण का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इस आग की चपेट में इलाके के कुल 40 इमारतें आ गई थीं।
बाजार और आस-पास की इमारतों के बहुत पास-पास बने होने के कारण फायर फाइटर्स के लिए आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। हेनरी ने कहा, “आग की तेजी और घरों व स्टॉल्स के एक-दूसरे से बहुत सटे होने की वजह से आग बुझाने में काफी समय लगा।”
पुलिस आग लगने की वजहों को तलाशने में जुटी है। प्रत्यक्षदर्शियों के जरिए परिस्थितियों का पता लगा रही है जिसके कारण आधी रात के बाद इतना भयानक हादसा पेश आया।
इंडोनेशिया पहले भी ऐसे हादसों का गवाह बना है। दिसंबर 2025 में ऐसी ही आग सेंट्रल जकार्ता के सात मंजिला ऑफिस बिल्डिंग में लगी थी। जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने छानबीन करने के बाद बताया था कि ग्राउंड फ्लोर पर ड्रोन बैटरी फटने से आग लगी थी।
2023 में भी ऐसा ही दर्दनाक हादसा पूर्वी इंडोनेशिया में निकेल-प्रोसेसिंग प्लांट में हुआ था, जोरदार धमाके के साथ आग लगी आग की चपेट में आने से 12 लोगों की मौत हो गई थी।





