एफसीआरए संशोधन बिल पर विपक्षी सांसदों ने सरकार से मांगा जवाब, ‘चढ़ावा किसने लूटा’ पोस्टर लेकर किया प्रदर्शनएफसीआरए संशोधन बिल पर विपक्षी सांसदों ने सरकार से मांगा जवाब, ‘चढ़ावा किसने लूटा’ पोस्टर लेकर किया प्रदर्शन

नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) संशोधन बिल को लेकर विपक्ष सांसदों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ‘राम मंदिर चढ़ावा किसने लूटा’ का पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे ने एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में भेजने की मांग का समर्थन किया है।

सपा सांसद अखिलेश यादव ने एफसीआरए संशोधन बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि वह इसे क्यों लाना चाहती है। इसका उद्देश्य अल्पसंख्यकों को दबाना और अपने फायदे के लिए व्यवस्था का इस्तेमाल करना है। अखिलेश ने कहा कि देश में लोकतंत्र मजबूत होना चाहिए और लोगों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू की जानी चाहिए।

एफसीआरए बिल पर सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने बुनियादी ढांचे को लेकर भी सवाल उठाए। सरकार एयरपोर्ट बना रही है लेकिन उनमें पानी भर जाता है और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं, जिनमें गड्ढे हो रहे हैं। उन्होंने सरकार के काम पर तंज कसते हुए कहा कि हवाई जहाज उड़ाने वालों और राज्य चलाने वालों के बीच उन्हें समानताएं नजर आ रही हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जब एफसीआरए संशोधन बिल को जेपीसी में भेजे जाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी रणनीति के तहत आगे भी अपने मुद्दे उठाता रहेगा।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी एफसीआरए संशोधन बिल को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नीयत ठीक नहीं है तो ऐसे बिल को पारित करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद में कई ऐसे कानून पारित हुए हैं लेकिन बाद में वे प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो सके या व्यावहारिक नहीं रहे।

अवधेश प्रसाद ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोलीबारी को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार मांग करता रहा है कि गृह मंत्री सदन में आएं और बताएं कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने सवाल उठाया कि गोली चलाने और अन्य कार्रवाई के आदेश किसने दिए। विपक्ष की दूसरी प्रमुख मांग अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी को लेकर है।

तिरंगे को लेकर भी अवधेश प्रसाद ने कहा कि तिरंगा किसी बाजार से खरीदा हुआ झंडा नहीं है बल्कि इसे हासिल करने के लिए स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान असंख्य लोगों ने संघर्ष किया और अपना बलिदान दिया। उन्होंने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चले स्वतंत्रता आंदोलन और शहीदों के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उसी संघर्ष के बाद देश को आजादी मिली और तिरंगा राष्ट्रीय ध्वज के रूप में मिला। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तिरंगा फहराने की बात कहे जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि आरएसएस से जुड़े लोग भी अपने कार्यक्रमों में तिरंगा फहराएंगे।

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान गोलियां और पैलेट गन चलाई गईं, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि छात्रों से किए गए वादों में से कितने पूरे किए गए। कीर्ति आजाद ने गृह मंत्री अमित शाह के सदन में आकर जवाब देने की मांग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संसद का मौजूदा सत्र 20 जुलाई से चल रहा है और 13 अगस्त को इसका आखिरी दिन है, ऐसे में अब तक विपक्ष की मांग पर सरकार की ओर से जवाब क्यों नहीं आया।

आरजेडी सांसद संजय यादव ने भी गृह मंत्री के बयान में देरी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्र खत्म होने वाला है और अब सरकार विपक्ष की मांग पर गृह मंत्री का बयान दिलाने की बात कर रही है। उन्होंने इसकी तुलना ऐसे इलाज से की, जो किसी व्यक्ति की मौत के बाद उपलब्ध कराया जाए। अब मामला केवल बयान देने तक सीमित नहीं रह गया है।

Share this post:

खबरें और भी हैं...

नयनतारा ने की ‘टॉक्सिक’ की निर्देशक गीतू मोहनदास की जमकर तारीफ, बोलीं- ‘वह हर कलाकार को अपना बना लेती हैंनयनतारा ने की ‘टॉक्सिक’ की निर्देशक गीतू मोहनदास की जमकर तारीफ, बोलीं- ‘वह हर कलाकार को अपना बना लेती हैं

Read More »

लाइव टीवी

लाइव क्रिकट स्कोर

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

Quick Link