कोलकाता, 25 अगस्त (आईएएनएस)। कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को 28 अगस्त को पार्टी की छात्र शाखा, तृणमूल छात्र परिषद (टीएमपीसी) का स्थापना दिवस अलग-अलग मनाने की इजाजत दे दी है। हालांकि कोर्ट ने किसी भी गुट को अपनी पसंद की जगह पर कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी है।
दोनों गुटों ने कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच में याचिकाएं दायर कर मध्य कोलकाता के मेयो रोड पर एक कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांगी थी। यह वही जगह है जहां तब कार्यक्रम आयोजित किया जाता था, जब पश्चिम बंगाल की पिछली सत्ताधारी पार्टी दो गुटों में नहीं बंटी थी।
हालांकि, मंगलवार को जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच ने किसी भी गुट को मेयो रोड पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व वाले मूल गुट (जो संख्या में कम है) को मध्य कोलकाता के कैथेड्रल रोड पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी गई।
पार्टी से निकाले गए विधायक और विधानसभा में विपक्ष के मौजूदा नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट (जो संख्या में ज़्यादा है) को मध्य कोलकाता में ही लेकिन कैथेड्रल रोड से कुछ दूरी पर रानी रश्मोनी रोड पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी गई।
जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच ने दोनों गुटों के लिए उनके कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर कुछ शर्तें तय कीं। किसी भी गुट को अपने कार्यक्रम में 1,500 से अधिक लोगों की भीड़ इकट्ठा करने की अनुमति नहीं दी गई है।
जस्टिस भट्टाचार्य ने कोलकाता पुलिस को दोनों कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का भी निर्देश दिया। दोनों कार्यक्रमों का समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तय किया गया है। दोनों गुटों के 15-15 वॉलंटियर्स के नाम बुधवार शाम 6 बजे तक कोलकाता पुलिस के जॉइंट कमिश्नर को सौंपे जाने चाहिए।
कोर्ट के आदेश के अनुसार, दोनों कार्यक्रम तय जगहों पर सिर्फ एक लेन तक ही सीमित रहने चाहिए जबकि दूसरी लेन को ट्रैफिक की आवाजाही के लिए खाली रखा जाना चाहिए।
टीएमसीपी हमेशा से मेयो रोड पर अपना स्थापना दिवस समारोह आयोजित करती रही है। जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब कोई समस्या नहीं होती थी लेकिन इस बार स्थिति अलग है। 2026 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई और उसके बाद ममता बनर्जी द्वारा बनाई गई पार्टी दो गुटों में बंट गई।




