गौतमबुद्ध नगर में बढ़ा डेंगू का खतरा, 15 हाईराइज सोसाइटियों को नोटिस जारी

नोएडा, 20 अगस्त (आईएएनएस)। मानसून के बीच गौतमबुद्ध नगर में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी और मच्छरों के बढ़ते प्रजनन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच तेज कर दी है। खास बात यह है कि डेंगू का खतरा अब केवल ग्रामीण या घनी आबादी वाले इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसाइटियां भी इसकी चपेट में आ रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों के लार्वा और जलभराव मिलने पर अब तक 15 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बारिश के बाद अस्पतालों की ओपीडी में भी वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, शरीर में दर्द और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। स्थानीय स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, अस्पतालों में प्रतिदिन आने वाले मरीजों में करीब 30 से 40 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती डेंगू और सामान्य वायरल बुखार के लक्षणों में अंतर कर समय पर जांच कराने की है।

स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान के लिए निरीक्षण अभियान तेज किया है। हाईराइज सोसाइटियों में बेसमेंट, पार्किंग, निर्माणाधीन हिस्सों, छतों, गमलों, कूलर, पानी की टंकियों और अन्य स्थानों की जांच की जा रही है। जहां भी लंबे समय तक पानी जमा मिला या मच्छरों के लार्वा पाए गए, वहां सोसायटी प्रबंधन और संबंधित जिम्मेदार लोगों को नोटिस जारी किया जा रहा है। इससे पहले भी नोएडा में सोसाइटियों के बेसमेंट और जलभराव वाले स्थानों से लार्वा मिलने पर कार्रवाई की जा चुकी है। अक्टूबर 2025 में चार सोसाइटियों को लार्वा और जलभराव मिलने पर नोटिस दिए गए थे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, डेंगू फैलाने वाला एडीज एजिप्टी मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में भी पनप सकता है। इसलिए यह मानना गलत है कि केवल गंदे नालों या खुले गंदे पानी से ही डेंगू फैलता है। गमले की ट्रे, कूलर, बाल्टी, पानी की टंकी, टायर, निर्माण सामग्री या किसी छोटे कंटेनर में जमा पानी भी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है।

नोएडा में स्वास्थ्य विभाग ने पहले भी कई इलाकों को डेंगू के लिहाज से संवेदनशील मानते हुए निगरानी बढ़ाई थी। जुलाई 2026 में विभाग ने बरौला, सूरजपुर, कासना और सेक्टर-50 समेत कई इलाकों में डेंगू के मामले और मच्छरों के प्रजनन स्थल मिलने के बाद अभियान तेज किया था।

हाईराइज सोसाइटियों में बड़ी संख्या में लोगों के रहने के कारण स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है। एक सोसायटी में यदि मच्छरों के प्रजनन स्थल लगातार बने रहते हैं तो संक्रमण का खतरा बड़ी आबादी तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य विभाग सोसायटी प्रबंधन और एओए को साफ-सफाई, जलभराव खत्म करने और नियमित एंटी-लार्वा दवा के छिड़काव को लेकर लगातार निर्देश दे रहा है।

वहीं, अस्पतालों में बढ़ते वायरल बुखार के मामलों ने भी स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बरसात के मौसम में वायरल संक्रमण के साथ डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे हो सकते हैं, जिसमें तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी तथा उल्टी जैसी शिकायत हो सकती है। इसलिए लगातार बुखार रहने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से जांच और सलाह लेना जरूरी है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें, गमलों और उनकी ट्रे को साफ रखें तथा छतों और बालकनी में पानी जमा होने से रोकें। सोसाइटी प्रबंधन को भी बेसमेंट और कॉमन एरिया की नियमित सफाई कराने के साथ मच्छररोधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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