जम्मू-कश्मीर : नियंत्रण रेखा के समीप सैन्य तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे सेनाध्यक्ष
नई दिल्ली, 25 सितंबर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और सेना की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया है। उन्होंने नियंत्रण रेखा और अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की और सैनिकों से बातचीत भी की।
सेनाध्यक्ष ने तंगधार में ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ का भी जायजा लिया है।
सेनाध्यक्ष का यह दौरा ‘जय से विजय’ की उस भावना को सामने लाता है, जिसमें अभियानगत सतर्कता के साथ हर योद्धा के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है। उत्तरी कमान के तहत आने वाली चिनार कोर के क्षेत्रों में पहुंचे सेनाध्यक्ष को स्थानीय कमांडरों ने मौजूदा सुरक्षा माहौल से अवगत कराया। यहां सेना प्रमुख को अभियानगत तैयारियों और क्षमताओं को विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्हें नियंत्रण रेखा पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उपायों और अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों की तैयारियों के बारे में भी बताया गया।
अभियान क्षेत्रों में सैनिकों से बातचीत के दौरान सेनाध्यक्ष ने सभी सैन्य कर्मियों की उच्च स्तर की सतर्कता की सराहना की।
उन्होंने भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने वाले पांच बिंदुओं के मार्गदर्शक ढांचे ‘विजय’ पर जोर दिया। इसका उद्देश्य भारतीय सेना को ऐसी भविष्य के लिए तैयार सेना में बदलना है, जो कम समय में सभी प्रकार के अभियानों के लिए प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो। सेनाध्यक्ष ने शांति और स्थिरता बनाए रखने में भारतीय सेना, नागरिक प्रशासन, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की भी सराहना की।
इस दौरे का एक अहम पड़ाव तंगधार रहा,
जहां सेनाध्यक्ष ने भारतीय सेना की ओर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दृष्टि 2026’ के तहत उन्नत शल्य नेत्र चिकित्सा शिविर का दौरा किया। यह शिविर जम्मू-कश्मीर के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों तक विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा पहुंचाने के लिए लगाया गया है। इसमें सेवारत सैन्यकर्मियों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और आम नागरिकों को विशेष नेत्र चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।
नई दिल्ली स्थित सेना अस्पताल अनुसंधान एवं रेफरल और श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल की विशेषज्ञ टीमें इस शिविर में सेवाएं दे रही हैं।
शिविर 23 सितंबर से शुरू हो रहा है और 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान 6,000 से अधिक मरीजों की जांच की जाएगी और 400 से अधिक नेत्र शल्य चिकित्साओं की योजना है।





