पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने राजस्व चोरी का पता लगाने और रोकने के लिए विभागों से मांगा ब्लूप्रिंट

कोलकाता, 24 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री कार्यालय ने राज्य सरकार के सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे रेवेन्यू (राजस्व) के नुकसान की पहचान करने और उन्हें रोकने के उपाय सुझाने के लिए विभाग-वार ब्लूप्रिंट तैयार करें, ताकि राज्य के अपने टैक्स रेवेन्यू में बढ़ोतरी सुनिश्चित की जा सके। 

नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में ब्लूप्रिंट तैयार करने के अलावा, सीएमओ ने संबंधित विभागों को एक रिपोर्ट तैयार करने का भी निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान तय किए गए रेवेन्यू कलेक्शन (राजस्व वसूली) के लक्ष्यों और उन लक्ष्यों को किस हद तक हासिल किया गया, इसकी जानकारी देनी होगी।

अधिकारी ने कहा, “हर विभाग से कहा गया है कि वे सीएमओ को बताएं कि आखिरी बार टैक्स में बदलाव कब और कहां किया गया था। विभागों से उन सेक्टर की पहचान करने को भी कहा गया है जहां टैक्स लीकेज (राजस्व की चोरी) की संभावना ज़्यादा है, साथ ही ऐसे लीकेज को रोकने के सुझाव भी मांगे गए हैं। कृषि, परिवहन, भूमि और भूमि सुधार, लोक निर्माण और स्वास्थ्य जैसे विभागों पर खास जोर दिया गया है, क्योंकि इन विभागों में रेवेन्यू जनरेशन (राजस्व जुटाने) और लीकेज की संभावना अधिक होती है।”

राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा, “नई राज्य सरकार ने पहले ही कुछ विभागों में रेवेन्यू के नुकसान को रोकने के लिए कदम उठाए हैं। इससे नई सरकार के कार्यकाल के शुरुआती दो महीनों में ही लगभग 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टैक्स रेवेन्यू जमा हुआ है। अब राज्य सरकार इस कोशिश को सभी विभागों तक बढ़ाना चाहती है ताकि 2026-27 के मौजूदा वित्तीय वर्ष के आखिर तक राज्य के अपने टैक्स रेवेन्यू में कुल कलेक्शन को बेहतर बनाया जा सके। ठीक इसी वजह से राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों से कहा गया है कि वे रेवेन्यू के नुकसान की पहचान करने के लिए विभाग-वार ब्लूप्रिंट तैयार करें और ऐसे नुकसान को रोकने के उपाय सुझाएं।”

राज्य सरकार के अधिकारी के अनुसार, पिछली सरकार के समय रेवेन्यू के नुकसान का यह सिस्टम पूरी तरह से जानबूझकर बनाया गया था और इसमें बड़े पैमाने पर संस्थागत भ्रष्टाचार शामिल था।

राज्य सरकार ने कहा, “रेवेन्यू के इस नुकसान या लूट-खसोट के मुद्दे को सरकार के व्हाइट पेपर में भी शामिल किया जाएगा। व्हाइट पेपर में यह दिखाया जाएगा कि किन सेक्टर में रेवेन्यू कलेक्शन में रुकावट आई और इसके कारण राज्य के खजाने को कितना नुकसान हुआ।”

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट प्रस्ताव पेश करने के बाद राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने साफ तौर पर कहा कि टैक्स कलेक्शन में होने वाले नुकसान की कमियों को दूर करना ही आम लोगों पर अधिक टैक्स स्लैब का बोझ डाले बिना राज्य के अपने टैक्स रेवेन्यू को बढ़ाने के लक्ष्य को हासिल करने की कुंजी है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के बजट प्रस्तावों की घोषणा के बाद कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि बजट प्रस्तावों में राज्य के अपने टैक्स रेवेन्यू को बेहतर बनाने के बारे में कोई खास दिशा-निर्देश नहीं थे।

हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्ता पक्ष ने इसके जवाब में तर्क दिया कि इस सुधार का राज राज्य सरकार के उन कुछ फैसलों में छिपा है जो उसने नई कैबिनेट के कार्यभार संभालने के पहले दिन से ही रेवेन्यू के नुकसान को रोकने के लिए लिए थे।

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