बिजनौर। करीब 14 साल पहले हुए चर्चित प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद न्यायालय ने मामले में सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया। सजा का ऐलान अलग से किया जाएगा।
यह मामला 19 दिसंबर 2012 का है। बिजनौर शहर के शहनाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित महाराजा अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान जाटान मोहल्ला निवासी प्रबल अग्रवाल के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। आरोप है कि हमलावर उन्हें जबरन अपने साथ ले गए। बाद में उन्हें एक चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से शव को गंगा नदी में फेंक दिया था।
घटना के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। न्याय की लड़ाई के दौरान पीड़ित परिवार को भी बड़ा सदमा झेलना पड़ा। हत्या के लगभग छह महीने बाद प्रबल अग्रवाल के पिता आलोक अग्रवाल का भी निधन हो गया। इसके बाद उनकी बहन ने इस मामले की कानूनी लड़ाई जारी रखी और लगातार अदालत में पैरवी करती रहीं।
करीब 14 वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों में कानून की पकड़ से बचना आसान नहीं है। अब सभी की निगाहें अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा पर टिकी हैं।
यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि लंबे समय से लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।





