(फ्रांस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 समिट के एक आउटरीच सत्र से पहले मुलाकात की और एक-दूसरे का अभिवादन किया। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और जी-7 के ‘नई साझेदारी बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को मजबूत करना’ विषय पर होने वाले सत्र से पहले थोड़ी बातचीत की। इस सत्र में जी-7 देशों के अलावा साझेदार देश, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक भी शामिल हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार को द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), निवेश साझेदारी और दुनिया की सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। यह पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ हुए सफल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक होगी। व्हाइट हाउस ने बताया कि यह बैठक दोनों नेताओं के उस वर्किंग लंच में शामिल होने से पहले होगी जिसमें जी-7 नेता, आउटरीच पार्टनर और टेक्नोलॉजी कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे। इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी का जी-7 समिट में पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने मुलाकात के दौरान गले मिलकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। इस मौके पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य जी-7 नेता भी मौजूद थे। एवियन पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह दुनिया के नेताओं से मिलने और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “जी-7 समिट के लिए एवियन, फ्रांस पहुंच गया हूं। दुनिया के नेताओं के साथ बातचीत करने और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करने को लेकर उत्सुक हूं। भारत एक ज्यादा टिकाऊ और समृद्ध दुनिया के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।” भारत को 52वें जी-7 समिट में साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो 15 से 17 जून तक आयोजित हो रहा है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी भारत और ग्लोबल साउथ (विकासशील देशों) से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर दुनिया के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे। यह जी-7 समिट में भारत की 13वीं भागीदारी है और प्रधानमंत्री मोदी की लगातार 7वीं बार इसमें मौजूदगी है। जी-7 समिट के 16 और 17 जून के दिन आउटरीच सत्रों के लिए रखे गए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री मोदी अन्य आमंत्रित देशों के नेताओं के साथ हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, इन बैठकों में मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करने, विकास के लिए सहयोग बढ़ाने, संतुलित आर्थिक विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जी-7 समिट में भारत की लगातार भागीदारी यह दिखाती है कि शांति, सुरक्षा, विकास और पर्यावरण जैसे वैश्विक मुद्दों को हल करने में भारत की भूमिका और योगदान को दुनिया में ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। भारत ने जी-20 और ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी हमेशा विकासशील देशों की प्राथमिकताओं, चिंताओं और विकास से जुड़ी उम्मीदों को सामने रखा है।





