बिजनौर में बारिश से राहत, लेकिन जलभराव की चिंता
30 जुलाई 2026 को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय रहा और कई इलाकों में तेज बारिश की स्थिति बनी। मौसम विभाग के अनुसार सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत और बिजनौर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
पश्चिमी यूपी में बदला मौसम का मिजाज
30 जुलाई को सुबह से ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला नजर आया। कई इलाकों में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार सहारनपुर, शामली, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना थी। इस दौरान करीब 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान भी जताया गया।
बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। हालांकि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने का खतरा बढ़ गया। सड़क किनारे पानी जमा होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। पश्चिमी यूपी के कई शहरों में पहले से हो रही बारिश के चलते स्थानीय प्रशासन के सामने जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने की चुनौती बनी हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के उत्तर प्रदेश बुलेटिन के मुताबिक, 29 जुलाई तक के पिछले 24 घंटों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई थी। धामपुर और मुजफ्फरनगर में 7 सेंटीमीटर बारिश, जबकि मेरठ में 8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इससे साफ है कि पश्चिमी यूपी में मानसूनी गतिविधियां काफी सक्रिय बनी हुई थीं।
आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट
तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना हुआ था। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी। वहीं जलभराव वाले रास्तों पर वाहन ले जाने से भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
किसानों के लिए बारिश बनी राहत
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई बारिश खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खरीफ की फसलों को बारिश से फायदा मिल सकता है। खासकर धान, मक्का और अन्य फसलों के लिए पर्याप्त नमी उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि जिन खेतों में ज्यादा पानी जमा हो जाए, वहां फसल को नुकसान से बचाने के लिए जलनिकासी जरूरी होगी।
30 जुलाई के बाद कमजोर पड़ सकता है मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 30 जुलाई के बाद उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि 2 अगस्त के आसपास मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में पश्चिमी यूपी के लोगों को अगले कुछ दिनों में मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 जुलाई की बारिश ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी,।





