मौसम में नमी बढ़ने से बढ़ीं बीमारियां, गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के 12 और डेंगू के 3 नए मरीज

नोएडा, 3 सितंबर (आईएएनएस)। मानसून के अंतिम दौर में लगातार बने हुए नम मौसम और वातावरण में बढ़ी नमी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। गौतमबुद्ध नगर जिले में मौसमी और संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिले में स्वाइन फ्लू के 12 और डेंगू के तीन नए मरीज सामने आए हैं। नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। विभाग की ओर से अस्पतालों को अलर्ट रहने और मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 232 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। वहीं डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इसके अलावा जिले में 44 लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग लगातार इन बीमारियों से जुड़े मामलों की निगरानी कर रहा है और अस्पतालों से मरीजों की स्थिति की जानकारी भी ली जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के बाद वातावरण में बढ़ी नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल और संक्रमण से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

स्वाइन फ्लू के मामलों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वहीं डेंगू और मलेरिया का खतरा मच्छरों के बढ़ने के साथ बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया से संबंधित मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही न हो। अस्पतालों में पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाएं, जांच की सुविधा और मरीजों की निगरानी की व्यवस्था रखने को कहा गया है।

गंभीर मरीजों के लिए भी जरूरी चिकित्सा संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से लोगों से भी अपील की गई है कि मौसम में बदलाव के दौरान स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बनता है। मच्छर से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी या अन्य सुरक्षित उपायों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

इसके साथ ही बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, शरीर में तेज दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। मौसम में नमी बने रहने के कारण आने वाले दिनों में भी संक्रमण से जुड़े मामलों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर रहेगी। विभाग ने सभी अस्पतालों को तैयार रहने के साथ-साथ संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Share this post:

खबरें और भी हैं...

लाइव टीवी

लाइव क्रिकट स्कोर

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

Quick Link