लखनऊ, 4 अगस्त। उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को लेकर विपक्ष लगातार भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच में साधु-संतों की किसी तरह की भूमिका सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने विपक्ष, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, पर निशाना साधते हुए कहा कि जांच की वास्तविकता सामने आने के बावजूद राजनीतिक दल जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
राम मंदिर प्रकरण पर सीएम योगी का बड़ा बयान
विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में जांच एजेंसियों ने तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की है। SIT जांच में साधु-संतों की भूमिका नहीं मिली, इसलिए इस मामले में धार्मिक संतों को जोड़कर बयानबाजी करना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। राम मंदिर देश और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। ऐसे में मंदिर से संबंधित किसी भी विवाद पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो जाते हैं।
विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि विपक्ष राम मंदिर प्रकरण को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रहा है। उनका कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्हें नजरअंदाज कर राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है।
योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जांच के तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए, न कि बिना आधार के किसी समुदाय या साधु-संतों को मामले से जोड़ना चाहिए।
SIT जांच पर सरकार का जोर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में SIT जांच का मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकार लगातार यह कहती रही है कि किसी भी शिकायत या आरोप की जांच कानून के अनुसार की जाएगी। मुख्यमंत्री के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि सरकार इस मामले में जांच रिपोर्ट और सामने आए तथ्यों को आधार बनाकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रही है।
सरकार का कहना है कि राम मंदिर की व्यवस्था और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। मंदिर में आने वाले चढ़ावे और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी तरह की अनियमितता की शिकायत सामने आने पर जांच की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के आसार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद राम मंदिर प्रकरण पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। एक तरफ सरकार जांच के निष्कर्षों को आधार बनाकर विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार से लगातार सवाल पूछ सकता है।
राम मंदिर से जुड़ा मामला धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील है। ऐसे में आने वाले दिनों में राम मंदिर प्रकरण, SIT जांच और चढ़ावा चोरी मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी का यह बयान फिलहाल सरकार की ओर से इस विवाद पर सबसे स्पष्ट राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।





