नई दिल्ली, 22 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया और कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास, लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और बाद में रिहा किए जाने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा होनी चाहिए।
राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से सोमवार को छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर चर्चा कराने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार, स्पीकर ने कहा कि इसके लिए सरकार की अनुमति आवश्यक है, लेकिन बाद की परिस्थितियों से स्पष्ट हो गया कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा कराने के पक्ष में नहीं है।
उन्होंने कहा कि इसके बाद विपक्ष ने छात्रों की आवाज पूरे देश तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने का फैसला किया। राहुल गांधी ने कहा कि यह देश के सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है और छात्रों के साथ जो हुआ, उस पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा, “देश की शिक्षा व्यवस्था क्यों कमजोर होती जा रही है? बार-बार परीक्षा के प्रश्नपत्र क्यों लीक हो रहे हैं? भारत में शिक्षा इतनी महंगी क्यों होती जा रही है? परिवारों को अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक रूप से इतना बड़ा बोझ क्यों उठाना पड़ रहा है? ये सभी उचित और जरूरी सवाल हैं।”
उन्होंने बताया कि छात्रों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा, प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट और अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा छात्रों पर दर्ज सभी मामलों को वापस लेना शामिल है।
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि सरकार को छात्रों के साथ हुई घटनाओं के लिए माफी मांगनी चाहिए और परीक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में जल्द से जल्द व्यापक सुधार लागू करने चाहिए।
समर्थन देने वालों का आभार व्यक्त करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में साथ खड़े होने वाले सभी लोगों का वह दिल से धन्यवाद करते हैं।
इस मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक का मामला देशभर के लाखों छात्रों को प्रभावित कर रहा है और इसे लेकर राजनीतिक बहस लगातार गहराती जा रही है।





