मुंबई, 15 मई (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया संकट के बीच कई हफ्तों की गिरावट के बाद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) फिर से बढ़त के रास्ते पर लौट आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 8 मई को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 6.295 अरब डॉलर बढ़कर 696.988 अरब डॉलर पहुंच गया।
इससे पहले वाले सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 7.794 अरब डॉलर घटकर 690.693 अरब डॉलर रह गया था।
इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 728.494 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद रुपए पर दबाव बढ़ा और भारतीय रिजर्व बैंक को डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके कारण कई हफ्तों तक भंडार में गिरावट देखने को मिली।
केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 8 मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, जो कुल भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं, 562 मिलियन डॉलर बढ़कर 552.387 अरब डॉलर हो गईं।
डॉलर के संदर्भ में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में होने वाली बढ़त या गिरावट का असर भी शामिल होता है, जो विदेशी मुद्रा भंडार में रखी जाती हैं।
आरबीआई के मुताबिक, इस दौरान देश के स्वर्ण भंडार यानी गोल्ड रिजर्व का मूल्य 5.637 अरब डॉलर बढ़कर 120.853 अरब डॉलर हो गया।
वही, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (एसडीआर) 84 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.873 अरब डॉलर हो गए।
केंद्रीय बैंक के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की रिजर्व पोजिशन भी 12 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.875 अरब डॉलर हो गई।





