धनबाद, 25 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख और डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी का ऑडियो वायरल होने के बाद बवाल खड़ा हो गया है। थाना प्रभारी ने विधायक समेत 10 नामजद और 40-50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
वहीं, मामले को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। विवाद की शुरुआत तब हुई, जब बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के नाम पर कथित फर्जी लेटर पैड, हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल का मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस ने जेएलकेएम के नेता गणेश दास को 21 अगस्त को हिरासत में लिया था।
आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली तैयार कराने का प्रयास किया जा रहा था। गणेश दास की हिरासत की जानकारी मिलने के बाद विधायक जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ रात में बरवाअड्डा थाना पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान थाना परिसर में हंगामा किया गया और हिरासत में लिए गए गणेश दास को जबरन छुड़ाने का प्रयास किया गया। इसी विवाद के बीच विधायक और थाना प्रभारी के बीच हुई कथित व्हाट्सऐप कॉल का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
वायरल ऑडियो कॉल में कथित रूप से विधायक ने थाना प्रभारी को भद्दी गालियों के साथ धमकी दी। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। थाना प्रभारी रवि कुमार के लिखित बयान के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में जयराम महतो के अलावा दिलीप चौधरी, सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, रंजीत कुमार और राजेश महतो को नामजद किया गया है। इनके अलावा 40 से 50 अज्ञात समर्थकों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों को धमकी देने, थाना परिसर में हंगामा करने और कथित रूप से अवैध रूप से भीड़ जुटाने सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया है। सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर अफवाह फैलाकर भीड़ जुटाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। इस बीच विधायक जयराम महतो ने पुलिस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि वह अपने कार्यकर्ता के साथ कथित पुलिसिया ज्यादती की जानकारी लेने थाना पहुंचे थे।
विधायक ने आरोप लगाया कि थाना परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने उन पर हमला किया और उनका गला दबाने का प्रयास किया। उन्होंने अपने समर्थक की सोने की चेन और नगदी लूटे जाने का भी आरोप लगाया है। विधायक ने पूरे मामले की जांच थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कराने की मांग की है। विधायक की धमकी भरी भाषा को लेकर पुलिस संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने कहा है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद किसी पुलिस अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। पुलिस संगठनों ने मांग की है कि मामले में बिना किसी राजनीतिक दबाव के कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि विधायक के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिसकर्मी काला बिल्ला लगाकर विरोध करेंगे। इसके बाद चरणबद्ध आंदोलन और कार्य बहिष्कार का रास्ता अपनाने की भी चेतावनी दी गई है।
फिलहाल पुलिस बरवाअड्डा थाना परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। धनबाद के साथ-साथ राज्य के राजनीतिक हलके में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।





