नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। नई दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने के हादसे के बाद कई परिवार अपनों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल के चक्कर लगा रहे हैं। इसी बीच अपने दोस्त अर्पित जाज की तलाश में मयंक एम्स पहुंचा। मयंक के मुताबिक, अर्पित हादसे के वक्त उसी इमारत के अंदर मौजूद था और घटना के बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है।
मयंक ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि अर्पित से उसकी दोस्ती स्कूल के दिनों से है। दोनों मध्य प्रदेश के देवास में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। अर्पित फिलहाल दिल्ली के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज में बी कॉम प्रोग्राम के सेकंड ईयर का छात्र है। मयंक ने बताया कि अर्पित सत्य निकेतन की उसी इमारत में रहता था, जो हादसे में ढह गई।
मयंक के अनुसार, उसे हादसे की जानकारी शाम करीब चार से पांच बजे के बीच मिली। उसने सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम पर इमारत गिरने की खबर देखी। इसके बाद उसने तुरंत अपने दोस्त को फोन करने की कोशिश की लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिला। लगातार संपर्क नहीं होने पर उसने अर्पित के माता-पिता से बात की। परिवार ने बताया कि अर्पित हादसे के समय इमारत में ही मौजूद था।
मयंक ने कहा कि इसके बाद वह तुरंत दिल्ली के एम्स पहुंचा, जहां अर्पित की तलाश की जा रही है। उसने बताया कि अर्पित तीसरी मंजिल पर रहता था। हादसे के बाद से अब तक उसे दोस्त के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।
मयंक का कहना है कि अर्पित का परिवार घटना के बाद से लगातार मौके पर मौजूद है। उसके मुताबिक, परिवार के लोग रात 10 बजे से वहां हैं, लेकिन उन्हें भी स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भी साफ तौर पर नहीं बताया जा रहा कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे और उनमें से कितने लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
मयंक ने कहा कि वह लगातार अपने दोस्त की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है। परिवार और दोस्तों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ती जा रही है कि हादसे के बाद से अर्पित से संपर्क नहीं हो पाया है। अब सभी की उम्मीद राहत और बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी पर टिकी है।
वहीं, सत्य निकेतन में इमारत गिरने के बाद साउथ कैंपस में दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेज बंद होने पर एक छात्र ने कहा, “कल सत्य निकेतन में हुई घटना के कारण आज हमारा कॉलेज बंद है। वहां हमारे कॉलेज के भी कई छात्र मौजूद थे, इसलिए आज कॉलेज बंद है।”
एबीवीपी की नेशनल सोशल मीडिया कन्वीनर प्रेरणा भारद्वाज ने कहा, “हम कल से ही यहां हैं। सत्य निकेतन में एक इमारत गिर गई है और छात्रों की मौत हुई है। अभी भी कई छात्रों को बचाया जा रहा है और यह बहुत दुखद घटना है। हम एकजुटता दिखाने के लिए यहाँ बैठे हैं। हमने कल एमसीडी ऑफिस में भी विरोध प्रदर्शन किया था और एमसीडी कमिश्नर के इस्तीफे की मांग की थी। हम सब यहां बैठे हैं और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। कैंपस में छात्रों की सुरक्षा का असल स्टैंडर्ड क्या है? यही हमारा सवाल है और जब तक आखिरी छात्र को बचा नहीं लिया जाता, हम यहाँ से नहीं हटेंगे।”





