लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में व्यवस्थाओं को लेकर मरीजों की परेशानी सामने आई है। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए उन्हें घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद समय पर पर्चे नहीं बनाए जा रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों के मुताबिक, CHC गोला गोकर्णनाथ में इलाज के लिए आने वाले लोगों की संख्या काफी रहती है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं। अस्पताल में पहुंचने के बाद सबसे पहले मरीजों को पंजीकरण यानी पर्चा बनवाने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। आरोप है कि पर्चा बनाने की व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण मरीजों को लंबे समय तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
घंटों लाइन में खड़े रहने का आरोप
मरीजों का कहना है कि कई लोग अपनी बारी के इंतजार में काफी देर तक लाइन में खड़े रहते हैं। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार मरीज भी शामिल होते हैं। बीमारी की हालत में लंबे समय तक खड़े रहने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। मरीजों का आरोप है कि कर्मचारियों की ओर से समय पर पर्चे नहीं बनाए जाते, जिसके कारण अस्पताल में भीड़ बढ़ती जाती है।
फोटो/वीडियो में भी अस्पताल की व्यवस्था को लेकर मरीजों की नाराजगी दिखाई गई है। मरीजों का दावा है कि उन्हें केवल पर्चा बनवाने के लिए ही काफी समय इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में डॉक्टर को दिखाने और इलाज कराने में भी देरी होती है।
मरीजों ने व्यवस्था सुधारने की मांग की
मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन से पर्चा बनाने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पंजीकरण प्रक्रिया जल्द पूरी हो सके।
मरीजों का यह भी कहना है कि अस्पताल में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे गंभीर रूप से बीमार, बुजुर्ग और महिलाओं को अनावश्यक रूप से लंबी कतार में खड़ा न रहना पड़े। यदि पर्चा काउंटर पर कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए या पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जाए तो मरीजों को राहत मिल सकती है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का उद्देश्य आम लोगों को कम खर्च में बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। ऐसे में पंजीकरण जैसी शुरुआती प्रक्रिया में ही मरीजों को परेशानी होने से स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों पर अस्पताल प्रशासन या संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।
अब देखना होगा कि CHC गोला गोकर्णनाथ में पर्चा बनवाने की व्यवस्था को लेकर सामने आई शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग क्या कदम उठाता है और मरीजों को राहत देने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।





