नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026: सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के पास ड्रोन को इंटरसेप्ट किए जाने की घटना के बाद मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने उस समय नष्ट कर दिया, जब वह पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही पकड़ लिया गया।
मक्का के पास ड्रोन किया गया इंटरसेप्ट
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, ड्रोन को स्थानीय समयानुसार करीब शाम 6:50 बजे इंटरसेप्ट किया गया। सऊदी पक्ष ने इस घटना को मक्का को निशाना बनाने की कोशिश बताया है और कहा है कि पवित्र शहर, वहां आने वाले जायरीनों और नागरिकों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है।
हालांकि, हूती संगठन ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है। हूती पक्ष का कहना है कि उसने किसी इस्लामी पवित्र स्थल को निशाना नहीं बनाया। इसलिए घटना के संबंध में सऊदी और हूती पक्ष के दावों में स्पष्ट अंतर है।
2017 की घटना के बार फिर बढ़ा तनाव
सऊदी गठबंधन के अनुसार, यह मक्का को निशाना बनाने का दूसरा कथित प्रयास है। इससे पहले जुलाई 2017 में सऊदी अरब ने मक्का की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने का दावा किया था। ताजा ड्रोन घटना ऐसे समय सामने आई है, जब सऊदी अरब और हूती बलों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।
मक्का दुनिया भर के मुसलमानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु हज तथा उमरा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पवित्र शहर के आसपास किसी भी सुरक्षा घटना को लेकर स्वाभाविक रूप से चिंता बढ़ जाती है।
सऊदी अरब में सुरक्षा अलर्ट
ड्रोन घटना के बीच सऊदी अरब के कई हिस्सों में सुरक्षा अलर्ट भी जारी किए गए। इससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ी है। रॉयटर्स के अनुसार, इससे पहले भी सऊदी अरब ने मक्का और जेद्दा सहित कई क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा चेतावनियां जारी की थीं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब यमन के हूती बलों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष का असर लाल सागर तथा क्षेत्रीय समुद्री मार्गों पर भी पड़ रहा है। बाब-अल-मंदब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को लेकर भी सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई हैं।
भारत सहित कई देशों की चिंता
मक्का के पास हुई इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ाई है। भारत समेत कई देशों और संगठनों की प्राथमिकता क्षेत्र में तनाव कम करना तथा धार्मिक स्थलों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस घटनाक्रम के बीच क्षेत्रीय स्तर पर जल्द शांति और स्थिरता बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया था और किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही, हूती पक्ष द्वारा मक्का को निशाना बनाने से इनकार किए जाने के कारण घटना के उद्देश्य को लेकर दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग देखना जरूरी है।





